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राजभाषा गतिविधियां

1. केन्द्र की द्विभाषी वैबसाइट

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केन्द्र की वैबसाइट अब द्विभाषी रूप में उपलब्ध है। दिनांक 15 अक्टूबर, 2012 को डॉ. विश्व मोहन कटोच पूर्व सचिव, स्‍वास्‍थ्‍य् एवं अनुसंधान विभाग एवं पूर्व महानिदेशक भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने विडियो कॉन्‍फ्रंसिंग के माध्यम से केन्द्र की द्विभाषी वैबसाइट का शुभारंभ किया था।

2. संसदीय राजभाषा समिति द्वारा केन्‍द्र में राजभाषा कार्यान्‍वयन का निरीक्षण

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सरकार के किसी भी संस्थान में संसदीय समिति द्वारा निरीक्षण विशेष महत्‍वपूर्ण है क्योंकि उस संस्था्न में राजभाषा के अनुप्रयोग की समीक्षा के लिए यह सर्वोच्‍च समिति है। हमारे केन्द्र में दिनांक 17 अक्टूबर, 2012 को इस समिति ने राजभाषा अनुपालन की दूसरी बार समीक्षा की थी। इससे पहले दिनांक 2 फरवरी, 2006 को संसदीय राजभाषा समिति की तीसरी उपसमिति ने केन्द्र में यह निरीक्षण किया था। समिति ने केन्द्र में राजभाषा अनुपालन की स्थिति पर संतोष व्‍यक्‍त करते हुए, उत्कृष्टता हेतु सुझाव दिए।

3. हिंदी  और अंग्रेजी में  वार्षिक  प्रतिवेदन

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वर्ष 2012-13 से केन्द्र का वार्षिक प्रतिवेदन हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित किया जा रहा है . इस प्रतिवेदन में केन्‍द्र के वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे अनुसंधानिक कार्यों का विवरण, जरनलों एवं पुस्तकों में प्रकाशित उनके लेखों की सूची, कार्यशालाओं/सम्मेंलनों/संगोष्ठियों में उनकी प्रतिभागिता, केन्‍द्र की वैज्ञानिक सलाहकार समिति, नैतिक समिति के सदस्यों की सूची, केन्द्र में कार्यरत स्टाफ की सूची, राजभाषा अनुपालन संबंधी गतिविधियों की जानकारी और केन्द्र की विभिन्न गतिविधयों का सचित्र प्रदर्शन प्रकाशित किया जाता है.

4. हिन्दी् में उत्कृष्ट कार्य के लिए केन्द्र को छः बार नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) पुरस्‍कार

वर्ष 2012-13

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वर्ष 2007-08

वर्ष 2006-07

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वर्ष 2005-06

वर्ष 2004-05

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वर्ष 2003-04

केन्द्र को सदा के लिए प्रदान की गई शील्‍ड

5. हिन्‍दी में पत्राचार

राजभाषा के नियमों के अनुपालन हेतु यह केन्‍द्र यथेष्‍ट प्रयत्‍नशील है, जिनमें से हिन्‍दी में पत्राचार एक मुख्‍य बिन्‍दु है। राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हिन्‍दी में पत्राचार संबंधी निर्धारित मानदण्‍डों को प्राप्‍त करने के लिए केन्‍द्र सदैव ही ध्‍यान देता रहा है। पिछ्ले कुछ वित्‍तीय वर्षों के अंत में प्राप्त हिन्‍दी में  पत्राचार प्रतिशतता की एक झलक निम्न तालिका में दर्शाई गई है :


6. त्रैमासिक पत्रिका

केन्द्र की द्विभाषी त्रैमासिक पत्रिका "चेतना" केंद्र की अनुसंधानिक एवं अन्य गतिविधियों को जन-साधारण तक सम्प्रेषित करने का सशक्त माध्यम है। साथ ही पत्रिका में प्रकाशित स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी लेखों से पाठक और भी लाभान्वित हो रहे हैं । वर्ष 2002 से यह पत्रिका अनवरत रूप से प्रकाशित की जा रही है । केन्द्र की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की संस्‍तुति पर अप्रैल - जून, 2007 के अंक से यह पत्रिका द्विभाषी रूप से प्रकाशित की जा रही है । प्रकाशित अंकों की एक झलक:

7. केन्‍द्र की राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की बैठकें

16 मई , 2014

20 नवम्बर, 2014

27 मार्च, 2015

28 अप्रैल, 2015

केन्‍द्र में नियमित रूप से प्रति तिमाही राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति की बैठकों का आयोजन किया जाता है।  यह समिति केन्‍द्र में राजभाषा गतिविधियों की समीक्षा करती है तथा राजभाषा कार्यों की उत्‍तरोतर प्रगति हेतु अपने सुझाव देती है। केन्‍द्र की इस समिति के निम्‍नलिखित सदस्‍य हैं

1. डॉ. जी. एस. टोटेजा, निदेशक - अध्‍यक्ष
2. डॉ. मुरली लाल माथुर, वैज्ञानिक 'जी' - सदस्‍य
3. डॉ. आशुतोष कुमार दीक्षित, वैज्ञानिक 'एफ' - सदस्‍य
4. डॉ. सुमन सुन्‍दर मोहन्‍ती, वैज्ञानिक 'डी' - सदस्‍य
5. श्री नरेन्‍द्र बजाज, अनुभाग अधिकारी - सदस्‍य
6. श्रीमती कंचन बाला, कनिष्‍ठ हिन्‍दी अनुवादक - सचिव

8. विभिन्‍न वैज्ञानिक कार्यों में हिन्दी का प्रयोग

केन्द्र में सभी प्रकार के फार्म हिन्दी या द्विभाषी रूप में प्रयोग किए जा रहे हैं। केन्द्र में चल रही विभिन्न अनुसंधानिक परियोजना में प्रयुक्‍त प्रश्‍नावलियों/पोस्‍टर आदि का प्रयोग भी हिन्दी में किया जा रहा है। इसके अलावा इन परियोजनाओं के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों यथा प्रशिक्षण आदि में हिन्दी भाषा के प्रयोग को प्राथमिकता दी जाती है।

 

9. हिन्दी कार्यशालाओं का आयोजन

19 मई, 2014

7 सितम्बर, 2014

30 जून, 2015

14 सितम्‍बर, 2015

केन्द्र में प्रति तिमाही हिन्दी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। दिनांक 19 मई, 2014, 7 सितम्बर, 2014, 25 नवम्‍बर, 2014, 30 जून, 2015 एवं 14 सितम्‍बर, 2015 को हिन्दी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया जिनमें क्रमशः जय नारायण व्यास महाविद्यालय, जोधपुर के हिन्दी विभाग के आचार्य डॉ. नरेन्द्र मिश्र एवं डॉ. कैलाश कौशल, श्री अभय कुमार गुप्ता, मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, जोधपुर एवं श्री मुरलीधर वैष्णव, पूर्व न्यायाधीश, रजिस्ट्रार (प्रशासन) राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता मंच, जोधपुर को आमंत्रित किया गया।

10. हिंदी सप्ताह  पुरस्कार वितरण, 2014

दिनांक 15 सितम्बर ,2014 को डॉ. संजीव मिश्रा, निदेशक, एम्स, जोधपुर एवं डॉ. जी.एस. टोटेजा, निदेशक, डीएमआरसी हिन्दी सप्ताह वर्ष 2014 के पुरस्कार वितरित करते हुए

11. हिन्‍दी सप्‍ताह, 2015 का आयोजन

मुख्य अतिथि श्री मुरलीधर वैष्णव, डॉ. जी. एस. टोटेजा, निदेशक, डीएमआरसी, डॉ. मुरली लाल माथुर, वैज्ञानिक जी एवं डॉ. आषुतोष कुमार दीक्षित, वैज्ञानिक एफ एवं राजभाषा प्रभारी माँ सरस्वती की पूजा करते हुए

डॉ. प्रदीप कुमार दाम, तकनीकी अधिकारी, सुश्री दिव्या शर्मा, आँकड़ा प्रविष्टि संचालक एवं सुश्री प्रीति मंगल, अनुसंधान सहायक सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए

हिन्दी कार्यशाला के मुख्य अतिथि श्री मुरलीधर वैष्णव एवं डॉ. जी. एस. टोटेजा, निदेशक, डीएमआरसी अपने विचार प्रस्तुत करते हुए

डॉ. विनोद जोशी, वैज्ञानिक जी 'डेंगू एवं डेंगू हेमेरेजिक ज्‍वरः कारण, रोकथाम एवं उपचार' पर अपनी प्रस्तुति देते हुए

डॉ. मुरली लाल माथुर, वैज्ञानिक जी तथा श्रीमती कंचन बाला, कनिष्ठ हिन्दी अनुवादक युनिकोड़ एवं डीएमआरसी सर्वर का प्रशिक्षण देते हुए

डॉ. मधुबाला सिंह, वैज्ञानिक एफ 'सूक्ष्‍मपोषक अल्‍पता विकार एवं आहारिक सलाह' पर अपनी प्रस्तुति देती हुई

डॉ. प्रवीण कुमार आनन्‍द, वैज्ञानिक डी 'स्‍वच्‍छता के उपाय और रोगों के प्रसार को रोकने में उनकी भूमिका' पर अपनी प्रस्तुति देते हुए

डॉ. प्रदीप कुमार दाम, तकनीकी अधिकारी 'राजस्‍थान में औषधीय पौधों की जैव विविधता के संरक्षण के रूकावटें' पर अपनी प्रस्तुति देते हुए


गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी दिनांक 14 से 18 सितम्बर, 2015 तक हिन्दी सप्ताह का आयोजन किया गया। दिनांक 14 सितम्बर, 2015 को हिन्दी सप्ताह का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्री मुरलीधर वैष्णव, पूर्व न्यायाधीश, रजिस्ट्रार (प्रशासन) राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता मंच, जोधपुर तथा केन्द्र के निदेशक डॉ. जी. एस. टोटेजा के कर-कमलों द्वारा दीप-प्रज्जवलन से हुआ। मुख्य अतिथि श्री मुरलीधर वैष्णव ने हिन्दी दिवस के अवसर पर आयोजित ‘हिन्दी कार्यशाला’ के अंतर्गत हिन्दी में कार्य करने के प्रति प्रबल इच्छा जागृत करने की बात कही। हिन्दी सप्ताह के दौरान युनिकोड़ एवं डीएमआरसी सर्वर का प्रशिक्षण, युनिकोड़ प्रतियोगिता एवं प्रश्‍न मंच प्रतियोगिता आयोजित किए गए। दिनांक 18 सितम्बर, 2015 को हिन्दी सप्ताह के समापन समारोह कार्यक्रम में केन्द्र के चार वैज्ञानिकों ने हिन्दी में विज्ञान विषयों पर स्लाइड के माध्यम से व्याख्यान प्रस्तुत किए।

12. अन्‍य संस्‍थानों में राजभाषा में केंद्र के वैज्ञानिकों की प्रतिभागिता

एयर फोर्स स्‍टेशन, जोधपुर में डॉ. प्रवीण आनन्‍द का ‘स्‍वच्‍छता एवं रोगों की रोकथाम में उसकी भूमिका’ विषय पर व्‍याख्‍यान

राष्‍ट्रीय व्‍यावसायिक स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थान, अहमदाबाद में  डॉ. प्रदीप कुमार दाम का ‘राजस्‍थान में औषधीय पौधों की जैव विविधता’ विषय पर व्‍याख्‍यान

13. युनिकोड के प्रशिक्षक के रूप में केन्‍द्र की पहचान

केन्‍द्र ने अपने सभी कर्मचारियों (घ समूह के कर्मचारियों को छोडकर) को युनिकोड का प्रशिक्षण देने के साथ नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति (नराकास) के  सदस्‍य  कार्यालयों  के  अनुरोध पर युनिकोड का प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। पूर्व में केन्‍द्र की ओर से यह प्रशिक्षण डॉ. मंजीत सिंह चालगा, पूर्व तकनीकी अधिकारी (वर्तमान में वैज्ञानिक बी, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्‍ली) द्वारा दिया गया। दिनांक 19 अक्‍टूबर, 2015 को श्रीमती कंचन बाला, कनिष्‍ठ हिन्‍दी अनुवादक को भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण, जोधपुर में युनिकोड का प्रशिक्षण देने हेतु आमंत्रित किया गया। इस प्रकार केन्‍द्र को युनिकोड प्रशिक्षणदाता के रूप में पहचान मिल रही है।

डॉ. मंजीत सिंह चालगा, पूर्व तकनीकी अधिकारी (वर्तमान में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्‍ली में वैज्ञानिक बी) युनिकोड प्रशिक्षण देते हुए

श्रीमती कंचन बाला, कनिष्‍ठ हिन्‍दी अनुवादक युनिकोड प्रशिक्षण देती हुई